अमरीका व नाटो देशों की चेतावनी के बाबजूद जब गद्दाफी ने
जन विद्रोह दबाने के लिए सैनिक कार्रवाई तेज कर दी ,मजबूरन ,
नाटो देशों को नो फ्लाई जोंन घोषित करना पड़ा और लीबिया में शांति स्थापित करने के लिए
हवाई हमला करना पड़ा /यह बात और है उन्हें किसी देश के आंतरिक मामलों में दखल देने का हक़ नहीं है,
मगर तेल उत्पादक देशों में अशांत बातावरण भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता /
पूरी दुनिया की खनिज तेल आपूर्ति खाड़ी देशों से होती है/
नाटो देशों की यह कार्रवाई अगर प्रशंसनीय नहीं तो अनुचित भी नहीं है/
तुषार, वैशाली, गाजियाबाद..
Monday, March 21, 2011
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