हो सकता है इस दुनिया में, मंजर सभी तबाही के हों,
लेकिन एटम की झाड़ू से,मंजर सारे मिट जाते हैं ,
माना मुश्किल है दुश्मन से ,लोहा लेना युद्ध-भूमि में ,
लेकिन एटम की धूलों से, खाक नज़ारे हो जाते हैं ..
Wednesday, March 16, 2011
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