बड़े शहरों में मध्यबर्गी जीवन ६०,००००० रूपये से शुरू होता है,
५०,००००० लाख का फ्लेट ,चार लाख की गाड़ी,शेष घर की दैनिक
उपभोग की चीजें ,यदि वेतन आठ लाख वार्षिक हो ,ये सब चीजें ,
मुठ्ठी में होंगी ,विकास भी यहीं से शुरू होता है .
जिन्हें यह स्तर मिल चुका है ,भारत के विकास में उनका भबिष्य
उज्जवल होगा ,मगर जो अगले दस बर्ष तक भी इसकी कल्पना नहीं कर सकते
उन्हें न सिर्फ मंहगाई मारेगी, बहुत संघर्ष करना पड़ेगा .
तुषार, गाजियाबाद
Friday, February 4, 2011
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